WAVEROOM / MASTERING NOTES

ऑडियो मास्टरिंग क्या है?

मास्टरिंग तैयार मिक्स की अंतिम जाँच और निखार है। इसमें संगीत का स्वभाव बनाए रखते हुए टोन, डायनेमिक्स, लाउडनेस और अंतिम फ़ाइल पर ध्यान दिया जाता है।

01

मिक्सिंग से अंतर

मिक्सिंग अलग-अलग आवाज़ों और वाद्यों पर काम करती है; स्टीरियो मास्टरिंग पूरे मिक्स पर। दबे हुए वोकल को अक्सर मिक्स में सुधारना बेहतर है।

02

EQ, कंप्रेसर और लिमिटर

EQ आवृत्तियों का संतुलन, कंप्रेसर स्तर में बदलाव और घनत्व, तथा लिमिटर पीक संभालता है। अत्यधिक प्रोसेसिंग से अटैक और स्पेस कम हो सकते हैं। हर गीत को समान सेटिंग नहीं चाहिए।

03

स्पष्टता, भराव और पंच

अधिक हाई फ़्रीक्वेंसी हमेशा अधिक स्पष्टता नहीं देती। लो-मिड गायन को ढक रहा हो तो उस भीड़ को कम करना बेहतर हो सकता है। पहले से चमकीले मिक्स को और चमकाना सुनने में थकान ला सकता है।

कंप्रेसर का अटैक ध्वनि की शुरुआत और रिलीज़ स्तर के लौटने को प्रभावित करता है। अत्यधिक सेटिंग से चोट का असर कम या बैकिंग में उतार-चढ़ाव हो सकता है। पैरेलल कंप्रेशन अनिवार्य नहीं, खासकर जब ड्रम पहले ही उभरे हों।

04

LUFS गुणवत्ता का अंक नहीं है

LUFS लाउडनेस बताता है और ट्रू पीक सैंपलों के बीच के पीक का अनुमान लगाता है। लगभग समान महसूस होने वाले वॉल्यूम पर तुलना करें और तीखे हाई, धुँधले बास तथा डिस्टॉर्शन सुनें।

05

हर गीत की लाउडनेस अलग क्यों होती है?

लंबा बास, किक के तेज़ पीक और चमकीला कोरस प्रोसेसिंग पर अलग दबाव डालते हैं। लंबी शांत शुरुआत से पूरे गीत का इंटीग्रेटेड LUFS कम हो सकता है, भले ही कोरस दमदार हो।

कुछ पीक सँभालने के लिए पूरे गीत को अधिक कंप्रेस करने से बारीकियाँ खो सकती हैं। पहले से घने मिक्स में अतिरिक्त प्रोसेसिंग के बजाय संतुलन बचाना बेहतर हो सकता है।

06

स्टीरियो छवि और सुनने का वातावरण

चौड़ी स्टीरियो छवि अपने आप बेहतर मास्टर नहीं बनाती। गायन और बास का केंद्र स्थिर रहे। संभव हो तो मोनो में भी सुनें कि कोई महत्वपूर्ण वाद्य बहुत कमजोर तो नहीं पड़ता।

छोटे स्पीकर गहरा बास पूरा नहीं बजा सकते; इसलिए उसे अंधाधुंध न बढ़ाएँ। परिचित उपकरणों और मध्यम वॉल्यूम पर देखें कि लय और गीत का मुख्य भाव बने रहते हैं या नहीं।

07

फ़ाइल की तैयारी

मूल सैंपल रेट पर लॉसलेस WAV या AIFF बेहतर है। क्लिपिंग, शोर और कटे हुए आरंभ या अंत जाँचें। MP3 को WAV में बदलने से खोई जानकारी वापस नहीं आती।

08

निष्पक्ष तुलना कैसे करें?

मूल और मास्टर का एक ही हिस्सा सुनें: तेज़ कोरस, शांत अंश और जहाँ बास व गायन साथ आते हैं। पहले अंतिम वॉल्यूम सुनें, फिर तेज़ संस्करण का प्लेबैक वॉल्यूम घटाकर लगभग समान स्तर पर टोन और डायनैमिक्स की तुलना करें।

शब्दों की स्पष्टता, किक और बास का अलग सुनाई देना तथा स्नेर और सिम्बल की तीखापन जाँचें। क्या हर ड्रम हिट पर पूरी संगत दबती है? परिचित हेडफ़ोन और स्पीकर पर धीमे वॉल्यूम में भी सुनें।

09

ऑनलाइन मास्टरिंग

Waveroom में ब्राउज़र से विश्लेषण, मास्टरिंग और A/B तुलना करें। वोकल, लय और स्पेस सुनकर चुनें। रिकॉर्डिंग या मिक्स की हर समस्या ठीक होने की गारंटी नहीं है।

10

एक्सपोर्ट से रिलीज़ तक

सैंपल रेट या बिट डेप्थ बढ़ाने से रिकॉर्डिंग में अनुपस्थित विवरण नहीं बनते। मूल मिक्स सुरक्षित रखें और वितरक के फ़ाइल निर्देश अपनाएँ।

Waveroom में गीत चुनें, विश्लेषण देखें, शैली चुनें और A/B तुलना करें। रिलीज़ से पहले एक्सपोर्ट की शुरुआत और अंत जाँचें। केवल बड़े मीटर अंक के बजाय वह परिणाम चुनें जो संगीत को बेहतर व्यक्त करे।

WAVEROOM MASTERING

अपने ट्रैक की मास्टरिंग शुरू करें

Waveroom Mastering